तुम और मैं मैं और तुम रहेंगे हम बनकर सपनों को देंगे आकर बहुरिया आना मेरे द्वार। तुम और मैं मैं और तुम रहेंगे हम बनकर सपनों को देंगे आकर बहुरिया ...
मेरे सेंटा मेरे पापा साथ हर दिन निभाते हैं रात हो या दिन मेरी हर मुस्कराहट की खातिर मेरे सेंटा मेरे पापा साथ हर दिन निभाते हैं रात हो या दिन मेरी हर मुस्कर...
एक विशालकाय प्रचीन दरवाज़ा, जिसमे पल्ले नहीं है वह अडिग खड़ा है, कहते है ये दूसरी दुनिया का द्वार है, ... एक विशालकाय प्रचीन दरवाज़ा, जिसमे पल्ले नहीं है वह अडिग खड़ा है, कहते है ये दूसरी ...
कल्याण हो तुम्हारा स्वस्थ जीवन स्वस्थ मन हो तुम्हारा कल्याण हो तुम्हारा स्वस्थ जीवन स्वस्थ मन हो तुम्हारा
राम मिले तो भी रावण छेड़े तो भी आखिर कब तक ? राम मिले तो भी रावण छेड़े तो भी आखिर कब तक ?
आज उन्हीं यादों से थककर दूर निकलना चाह रहा हूँ। तुम्हें भुलाना चाह रहा हूँ। आज उन्हीं यादों से थककर दूर निकलना चाह रहा हूँ। तुम्हें भुलाना चाह रहा हूँ।